Madhu Vinashi ( शुगर के लिए ) मधु विनाशी
Highlights
इस्तेमाल इस प्रकार करे 👇
रोज़ाना 10 ml सिरप खाने से पहले
गुनगुने पानी के साथ लें सुबह-शाम लें
1-1.5 घंटे बाद जौ का पानी छानकर पी लें।
शाम की खुराक: शाम को भोजन से 1 घंटा पहले 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।
खाना पीना
दूध, दलिया, ब्राउन ब्रेड , दही, गेहूँ के फ्लेक्स, रोटी, दाल, सब्जी, सलाद खाएँ !
💠 फलों में अमरूद, सेब, संतरा या पपीता खा सकते हैं !
💠 दोपहर बीच-बीच में दिन में कम से कम एक बार मैथी दाने का पानी पी लेना भी काफी फायदेमंद है !
💠 सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी डालकर पीएँ !
परहेज़
चीनी, मिठाई, शर्बत, आम, अंगूर, आलू, चावल, मीठी चाय या कॉफी नहीं पीए ❌
मधु-विनाशी
लाभ
स्वस्थ रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखता है: ग्लूकोज के स्तर को विनियमित और स्थिर करने में मदद करता है।
इंसुलिन गतिविधि के लिए अग्न्याशय को उत्तेजित करता है: प्राकृतिक इंसुलिन उत्पादन को प्रोत्साहित करता है।
सहनशक्ति और ऊर्जा बढ़ाता है: बार-बार पेशाब आने की समस्या से राहत देता है और जीवन शक्ति को बढ़ाता है।
30-दिन का पैक: इसमें एक महीने के पूरे कोर्स के लिए 60 खुराकें शामिल हैं।
100% आयुर्वेदिक: प्रयोगशाला में परीक्षित, प्रमाणित, और दुष्प्रभावों से मुक्त।
सामान्य समस्याएं और लक्षण:
- तनाव और थकान
- जल्दी पेशाब आना
- सिरदर्द और धुंधली दृष्टि
- मुश्किल से ध्यान दे
- घावों का धीरे-धीरे भरना
- त्वचा संबंधी समस्याएं
- कमजोरी और अत्यधिक प्यास
- अचानक वजन कम होना
सामान्य रक्त शर्करा स्तर:
भोजन से पहले: 70-130 मिलीग्राम/डीएल
भोजन के 2 घंटे बाद: 180 mg/dl से कम
सोने से पहले: 100-140 मिलीग्राम/डीएल
65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए:
भोजन से पहले: 90-130 मिलीग्राम/डीएल
सोने से पहले: 150 mg/dl से अधिक नहीं
नियमित उपयोग के लाभ
- मधुमेह से संबंधित लक्षणों से राहत
- अग्न्याशय में इंसुलिन उत्पादन को उत्तेजित करें
- समग्र स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार
- चिराता नेपाली (स्वर्टिया) - 25 मिली
- कुटकी (पिक्रोरिजा कुर्रूआ) - 18 मिली
- शाहतारा (फ्यूमरिया ऑफिसिनालिस लिन) - 16 मिली
- जामुन (साइजियम क्यूमिनी) - 27 मिली
- करेला (मोमोर्डिका चारेंटिया) - 15 मिली
- बेल (एगल मार्मेलोस) - 20 मिली
- कड़वी आतिश (अतिविशा एकोनिटम हेटेरोफिलम) - 21 मिली
- मिथी आतिश (एकोनिटम पाल्मेटम) - 14 मिली
- निम्बोडी (अजादिराक्टा इंडिका) - 13 मिली
- उशवा (स्मिलैक्स मेडिका एसएच.) - 10 मिली
- काली जिरी (सेंट्राथेरम एंथेलमिंटिकम) - 8 मिली
- करंजवा (कैसलपिनिया बॉन्डुक) - 13 मिली
- कालमेघ (एंड्रोग्राफिस पैनिकुलाटा) - 10 मिली



